चंदन की खेती कैसे होती है | Sandalwood Farming/चंदन की खेती करके बने करोड़ पति

चंदन की खेती कैसे करें आये विस्तार से जानते है

चंदन की खेती कैसे होती है | Sandalwood Farming चंदन की खेती अधिक मुनाफे वाली खेती मानी जाती है इसके पौधे को तैयार होने में 12 से 15 साल लग जाता है और चंदन की लकड़ी बहुत मूल्यवान होती है इसकी लकड़ी को हिंदू धर्म में पूजा पाठ में यूज किया जाता है और ब्यूटी रिलेटेड प्रोडक्ट बनाये जाते है कुछ इलाकों को छोड़कर भारत में ज्यादातर चंदन की खेती की जाती है

और चंदन की खेती गर्म इलाकों में अच्छी होती है गर्म इलाकों में बोये जाने वाले चंदन के पेड़ में तेल की मात्रा अधिक रेहती है उसके हिसाब से उसका प्राइस भी अच्छा मिलता है चंदन का पेड़ जितना पुराना होता है उतना ही उसमें तेल की मात्रा अधिक पाई जाती है भारत में कई राज्यों में चंदन की खेती करने पर प्रतिबन्ध लगा है चंदन की खेती करने के लिए कानूनी परमिशन भी लेनी पड़ती है आशा करते हैं कि यह जानकारी आपके लिए लाभकारी साबित होगी

चंदन की खेती कैसे होती है उसकी पूरी जानकारी

भारत के दक्षिणी इलाकों में ज्यादातर इसकी खेती होती है चंदन की लकड़ी में औषधि गुण पाए जाते हैं इसकी वजह से पूरे विश्व में अधिकतर इसकी मांग रहती है यदि आप भी चंदन की खेती करके लाखों कमाना चाहते हैं तो यह लेख में मैंने चंदन की खेती करने की पूरी जानकारी दी है मैं आशा रखती हूं कि यह लेख पढ़ने के बाद आपको चंदन की खेती कैसे करें उसकी पूरी जानकारी प्राप्त हो सकेगी

चंदन की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी जलवायु और तापमान

चन्दन की खेती के लिए लाल बलुइ चिकनी दोमट मिटी उपयुक्त मानी गई है सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है चंदन की खेती करने के लिए अच्छी जल निकास वाली भूमि की आवश्यकता होती है और जमीन का पीएच मान 4.5से 6.5 होना चाहिए चंदन का पौधा सुख जलवायु का पौधा है सर्दी में चंदन के पौधे का विकास अच्छा नहीं होता

और उसकी लकड़ी में तेल की मात्रा भी अच्छी नहीं बनती यह गर्म इलाकों में अच्छा बड़वार करता है तापमान की बात करें तो अधिक 35 डिग्री तथा न्यूनतम 15 डिग्री तापमान की आवश्यकता पड़ती है चंदन के पौधे धूप को आसानी से सहन कर सकते हैं रेतीली और बर्फीले इलाकों में इसकी खेती नहीं की जा सकती पौधों की रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय मई से जून के बीच का रहता है

चंदन की उन्नत किस्में

लाल चंदन

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लाल चंदन को रक्त चंदन के नाम से जाना जाता है लाल चंदन के पौधों में खुशबू नहीं आती है लाल चंदन मुख्य तत्व आंध्र प्रदेश तमिलनाडु राज्य में पाई जाती है लाल चंदन की लकड़ी को सजावटी चीजों को बनाने के लिए उपयोग में लिया जाता है लाल चंदन की लकड़ी से फर्नीचर मूर्तियां डेकोरेटिव आइटम बनाए जाते हैं और सौंदर्य प्रदान की जो को बनाने के लिए भी उपयोग होता है लाल चंदन का पौधा 20 से 25 फिट तक बढ़ता है और इसका रंग गहरे लाल रंग का होता है

सफेद चंदन

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सफेद चंदन की लकड़ी का रंग सफेद होता है इसमें औषधीय गुण ज्यादा होता है मुख्य रूप से व्यापार में इस्तेमाल किया जाता है सफेद चंदन की लकड़ी खुशबू वाली होती है इसलिए सफेद चंदन की कीमत लाल चंदन की तुलना में काफी ज्यादा होती है सफेद चंदन से तेल औषधि साबुन परफ्यूम चंदन तेल जैसी महंगी चीजों को बनाने के लिए योग में किया जाता है इसकी खेती गुजरात महाराष्ट्र ,मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश .आंध्र प्रदेश .राजस्थान .हरियाणा .पंजाब जैसे राज्यों में की जा सकती है

चंदन का पौधा कहां से प्राप्त करें

चंदन का पौधा कहां से प्राप्त करें

चंदन का पौधा किसानों को सरकारी या प्राइवेट नर्सरी से मिल जाएगा एक पौधे की प्राइस ₹50 से ₹100 तक हो सकती है और उससे कम रेट में भी मिल सकता है चंदन की खेती के लिए पोधो की आवक्सकता होगी आप चाहिए तो नर्सेरी से चंदन के पौधे खरीद सकते है। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और हैदराबाद समेत बहुत सी जगह पर नर्सेरी है जहा से पौधे करीदे जा सकते है।


दूसरा तरीका यह है की आप चाहे तो चंदन के बीज खरीद कर पौध खुद तैयार कर सकते है। चंदन के बीज या पौधे खरीद ने के लिए केंद्र सरकार के लकड़ी विज्ञान एवम टेकनिकल संस्था बंगलुरु से प्रमाणित बीज प्राप्त किए जा सकते है।
चंदन के बीज ऑनलाइन भी खरीदे जा सकते है। चंदन के बीज की कीमत 2000 से 3000 रुपे प्रति किलो हो सकती है।

सहायक फसल

चंदन के पौधों को तैयार होने में 12 से 15 वर्ष का समय लग जाता है इस दौरान बागबानी फसल उगा के कमाइ की जा सकती है जब तक चंदन का पोधा बड़ा ना होजाये तब तक अन्य फ्रूट के पोधेसे आय मिलती रहेगी और किसान भाई को आर्थिक परिस्थितियों मेंसे गुजरते समय पैसों की मदद मिल ती रहेगी

चंदन के पौधरोपण के लिए जमीन की तैयारी

चंदन का पौधा सभी प्रकार की मीटी में उगाया जा सकता है पौधरोपण से पहले आपको खेत को तैयार करना रहेगा खेत की दो से तीन बार जुताई करके मिट्टी को अच्छी भुरभुरी कर ले और खेत खेत को समतल कर ले खेत में 8 फिट कतारकी दूरी और पोधो से पोधोकी दुरी 12 फिट रखे गढ़े 2 फीट गहरे और 3 से 4 फीट चौड़े होने चाहिए अब गड्ढे में अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद मिट्टी के साथ अच्छे से मिला मिलाके गड्ढों में भरले उसके बाद पौधरोपण करें पौधरोपण के तुरंत बाद अच्छे से गड्ढे में पानी दे जहां पौधरोपण किया गया है वहां जल निकास अच्छा होना चाहिए क्योंकि जब पौधों की जड़ों में पानी भरा रहेगा तो पौधों को नुकसान करेगा

और रासायनिक खाद की जरूरत नहीं होती है और एक बात जो सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली है कि चंदन का पौधा अकेला नहीं हो सकता है चंदन का पौधा अकेला होने से सूख जाता है इसलिए चंदन के पौधों के बीच इंटरक्रॉपिंग दूसरे प्लांट लगाए जाते हैं क्योंकि चंदन का पेड़ परजीवी पौधा है सूर्य प्रकाश तो लेता है पर जमीन से खुद ऑर्गेनिक कार्बन नही ले पाता है चंदन को भूमि से ऑर्गेनिक कार्बन ग्रहण करने के लिए दूसरे पेड़ – पौधों के आवक्षकता होती है

चंदन का पौधा पोषक तत्व को प्राप्त करने के लिए दूसरे पौधों पर निर्भर रहता है इसलिए इसके पौधों को खास उर्वरक की आवश्यकता नहीं होती है चंदन के पौधों को परिपक्व होने में 14 से 15 साल लग जाता है इसलिए जहां चंदन का पौधा रोपण किया गया है वहां हम इंटर कॉप कर सकते हैं जैसे ताइवान पिंक अमरूद का पौधा लगा सकते हैं

जब तक चंदन का पौधा बड़ा नहीं हो जाता तब तक हम अमरूद के पौधे लगाकर इनकम प्राप्त कर सकते हैं ताइवान पिंक अमरूद का पौधा 1 साल में फ्रूट देना चालू कर देता है मेरी राय यही है कि चंदन के पौधे के साथ अमरूद का पौधा जरूर लगाएं और चंदन के पौधों को साल में दो बार अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद जरूर डालें एक एकड़ जमीन में लगभग 400 सफेद चंदन के पौधे लगाए जा सकते हैं और चंदन के पौधों को ज्यादा पानी की आकावसक्त नही होती।चंदन के पौधे समतल जमीन पर मैड बना कर रोपसकते है

सिंचाई

चंदन के पौधों को पानी की ज्यादा आवश्यकता नहीं पड़ती है आप सप्ताह में दो-तीन बार पौधों को पानी दे सकते हैं

खरपतवार रोग और कीट

चंदन के पौधों के आसपास खरपतवार को हटा देना चाहिए क्योंकि खरपतवार होने से पौधों की ग्रोथ रुक जाती है मौत का विकास अच्छी तरह नहीं हो पाता है रोग और किट को देखा जाए तो ज्यादातर इसमें पत्तियों के खाने वाले की कीट लग जाते हैं इसके आइए नियंत्रक का छिड़काव करना चाहिए

मुनाफा

12 से 15 साल के बाद चंदन के पेड़ों की कटाई की जा सकती है इसी 15 साल के बाद चंदन के पेड़ों की परिपक्वता अच्छी तरह हो जाती है जिससे तेल की मात्रा अच्छी पाई जाती है पेड़ की सभी लकड़ी का भाव मिलता है पेड़ों को बेचने के बाद करोड़ों की कमाई हो सकती है दाम देखा जाए तो 6 से 12 हजार प्रति किलो के बीच हो सकता है

चंदन की एक विकसित देश से हमें 20 से 25 केजी लकड़ी मिल सकती है औसत 1 एकड़ के खेत में 400 पौधे को तैयार किया जा सकता है एक पेड़ से 12 से 15 वर्षों में एक से दो लाख की कमाई आसानी से मिल जाती है अब 1 एकड़ में तैयार 400 पेड़ों से किसान को 6 से 8 करोड़ की कमाई हो सकती है और किसान कमाई कर करोड़पति बन सकते हैं

चंदन की लड़की की बाजार कीमत

चंदन की लड़की की बाजार कीमत की बात करे तो ये 10000 से लेकर 25000रुपे प्रति किलो तक बिकती है।
हार्डवुड- पेड़ के तने की लड़की की कीमत 16000 – 26000 रुपे प्रति किलो होती है।
तने की वो लड़की वो चल्ले पर होती है उसकी कीमत 10000 – 12000 रुपे किलो रहती है।
चंदन की जड़ सबसे महेंगी होती है । 20 से 26 हजार रुपे प्रति किलो तक रहती है
तेहनी की लकड़ी – पेड़ की तहनी वाली लकड़ी की कीमत 1600  से लेकर 2000 रुपे किलो तक होती है

 चंदन के बीज  

चंदन के बीच की कीमत 1600 रुपे से 2000रुपे प्रति किलो होती है
किसान चंदन की लकड़ी को वन विभाग में बेच सकते है या कर्नाटक सेंट्रल बोर्ड विभाग में और कहीं भी बेच सकते है
चंदन उगने से प्रति एकड़ कमाई अगर आप एक एकड़ में चंदन की लगभग 800 पौधे वैज्ञानिक तरीके लगाते है और अछे से देख भाल करते है तो 14 साल बाद आपको एक पेड़ से लगभग दो से तीन किलो हार्डवुड मिलेगी, जबकी 10  – 12 किलो वुड की
बाजार में आपको चंदन की लकड़ी का ओसद बाजार भाव 10 हजार प्रति किलो भी मिल सकता है

तो भी एक एकड़ से होने वाली कमाई आपको हैरान कर देगी। लगभग 3 से 4 करोड़ रुपे तक एक एकड़ से कमाई होगी अगर आप जंगल के तोर पर भी चंदन उगा ते हे मतलब पेड़ लगा कर छोड़ दे तो भी एक एकड़ से कम से कम एक से डेढ़ करोड़ आय आपको हो सकती है सिर्फ एक एकड़ से सिर्फ यही नहीं जब तक चंदन के पेड़ तैयार होंगे तब तक बीच में लगाई पौधे से भी आपकी कमाई होती रहेगी तो हम मान सकते है की चंदन की खेती भारत के किसानों को करोड़पति बना सकती है।

निष्कर्ष

 अंत में यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि किसान भाइयों चंदन की खेती कैसे होती है | Sandalwood Farming चंदन की खेती कर कमा सकते हैं लाखों रुपए इस लेख में मैंने आपको चंदन की खेती कैसे करे इसकी जानकारी दी है. मुझे उम्मीद है  आपको मेरा यह लेख पढ़कर  समझ आ गया होगा चंदन की खेती कैसे करे इसी प्रकार के लेख पढने के लिए मेरे ब्लॉग myknowledgeinfo को विजिट करते रहें. मेरा यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद |

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